लंका में हनुमानः सीता का पता तो चल गया था लेकिन उनतक पहुंचना और उन्हें राम का संदेश देना एक बड़ी समस्या थी. लंकर नगरी के रास्ते में एक विशालकाय समुन्द्र था, जिसे पार करना था. किसी में इतनी शक्ति नहीं थी कि वो ये समुन्द्र पार कर पाए. फिर वानर सेना में सबसे बुजुर्ग भालुओं के सेनापति, जामवन्त ने हनुमान को उनकी कहानी सुनाई और बताया कि वह वास्तव में कितने शाक्तिशाली हैं. क्या थी वो कहानी? हनुमान का जन्म क्यों हुआ? उनका नाम हनुमान क्यों पड़ा? आखिर क्या था उनके पराक्रमी होने का रहस्य?