सीता की खोजः राम और लक्ष्मण कुटिया में लौटे तो सीता वहां नहीं थीं. राम तो फूट-फूटकर रोने लगे. लक्ष्मण चिन्तित थे. राम लक्ष्मण से इस बात के लिए नाराज हुए कि उन्होंने सीता को अकेले क्यों छोड़ा. लक्ष्मण भी पश्चाताप में डूब गए. फिर दोनों भाई सीता को खोजने निकल पड़े. तभी उन्हें जंगल के एक किनारे जटायु घायल अवस्था में मिले. जटायु ने उन्हें सीता हरण की पूरी कहानी सुनाई और बताया कि रावण उनकी सीता का हरण कर के ले गया है. वन में सीता को खोजते दोनों भाइयों का टकराव कबंध नाम के राक्षस से हुआ जिसकी न तो गर्दन थी और न ही सिर. राम ने कबंध का वध किया. लेकिन कबंध ने राम को सीता को छुड़ाने के लिए एक बहुत पते की सलाह दी. वो सलाह क्या थी?