यह पुस्तक हिन्दी व्याकरण ज्ञान की प्रवेशिका है। आशा है कि पाठकगण इसका समुचित लाभ उठा पायेंगे। व्याकरण की पुस्तक में यदि कोई त्रुटि रह जाये तो वह इसके विद्यार्थियों के लिए तब तक गलत ज्ञान का कारण बनी रहती है, जब तक कि उन्हें उसका सही ज्ञान किसी और माध्यम से न हो जाये। इसलिए पाठकों से विनम्र निवेदन है कि यदि आप इस पुस्तक में कहीं भी कोई त्रुटि देखे तो हमें तुरंत और अवश्य लिखें ताकि भूल सुधार करके सही ज्ञान पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।